Virtual Siyahi

बेटियाँ होती ख़ास है

बेटियाँ दो पल की ज़िम्मेदारी नहीं , उम्र भर की फिक्र है

मेरी तो हर दुआ में बस उसकी खुशियों का ही ज़िक्र है

एक अनोखा  सा रिश्ता ये नन्ही सी परियां हमसे बाँध लेती है

चाहे कही भी चली जाए पर हमेशा दिल के क़रीब रेहती है

अपनी मीठी-मीठी बातों में ऐसे उलझाती है

मानो जीवन के सारे सवालो को सुलझाती है

बहुत खुश होती हु ये सोच कर की एक बेटी के साथ अपना जीवन बिता रही हु

उसे अच्छी परवरिश देने की कोशिश में उसमे अपना दोस्त भी बना रही हु

हैरान होती हु ये सोचकर की

कैसे कोई अनजाना सा रिश्ता आपकी दुनिया बदल देता है

आपके जीवन का एहम हिस्सा बन जाता है

आपसे से ही जन्म लेता है और आपको माँ कहता है

 

Much love and gratitude

Priyanka

#VirtualSiyahi

9 thoughts on “बेटियाँ होती ख़ास है

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