Priyanka Nair

नहीं अब बुरा नहीं लगता

अब बुरा नहीं लगता जब कोई मुझे किनारे कर देता है
अब बुरा नहीं लगता जब मेरे अपने मुझे बेगाना कर देते है
अब बुरा नहीं लगता जब आंकता है कोई मुझे
जब कोई मुझे कामयाबी के तराज़ू में तोलता है

अब बुरा नहीं लगता जब कोई साथ छोड़ देता है
बिच रास्ते में चलते हुए जब कोई मेरा हाथ छोड़ देता है
नहीं अब मुझे बुरा नहीं लगता
जब कोई मुझे देख कर अनदेखा कर देता है
या मुझे आता देख अपन रुख मोड़ लेता है

नहीं अब मुझे बुरा नहीं लगता
क्युकी कुछ वक़्त बाद सुन्न पड जाती है
ये नसे सारी और बंद होजाते है ख्वाहिशो के दरवाज़े
जो खिला करते थे गुल कभी वो मुरझा जाते है कभी न खिल पाने को
बीत जाती है बातें कई कभी न दुबारा हो पाने को
गुज़र जाते है लोग जो कभी मुस्कुरा कर दिल चुराया करते थे

नहीं अब मुझे बुरा नहीं लगता
ज़िन्दगी का सबब सिख लिया है

— प्रियंका©

16 comments

  1. बहुत अच्छी भावाभिव्यक्ति है आपकी । यूँ लगा जैसे मेरे अपने ही हृदय से फूटते स्वर की प्रतिध्वनि हो । सच ही है, दर्द जब हद से गुज़र जाता है तो अपनी दवा आप बन जाता है । फूल तो दो दिन बहार-ए-जाँ-फ़ज़ा दिखला गए, हसरत उन ग़ुंचों पे है जो बिन खिले मुरझा गए ।

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  2. Yup dii….ek time aata hai jb hm in sb cheezo ko dhayn diye bina aage nikal jate hai aur hme bura nhi lgta…

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