वजूद – Existence

अपने अस्तित्व की तलाश में निकला था ये वजूद, रास्ते में लोग जुड़ते गए और कुछ छूटते गए .फिर भी चलता रहा ये वजूद अपनी ही एक तलाश में

मेरा साहस मेरा सारथि

मेरा साहस मेरा सारथि पथ पे चाहे कांटे हज़ार हों तेरे वजूद को झुटलाने चाहे कितने ही लोग तैयार हो जो चल पड़ा है तू

प्रकृति और जीवन

प्रकृति का अध्ययन, प्रकृति से प्रेम , प्रकृति के करीब रहना यह आपको कभी भी विफल नहीं करेगा. प्रकृति में गहराई से देखो, और फिर आप सब कुछ बेहतर समझ जायेंगें।