मौन और शोर के बीच की स्थिरता

ऊपर खुला आसमान था और नीचे हरियाली का डेरा था मन में बेचैनी और हाथ में चाय का प्याला लिए मैंने एक सपना देखा खुली आँखो से देखे सपने फिर से जीने की उम्मीद दे जाते हैं इतनी उथल पुथल और उधेड़बुन के बीच भी अपनी सोच में एक स्थिरता को देखा कितना कुछ होकर … Continue reading मौन और शोर के बीच की स्थिरता

फूलों का एक बिछावन

ना कहीं जाने की जल्दी ना कही पहूचने का विचार ना मुझे कोई ढूंढने वाला ना किसी को मेरा इंतज़ार आगे भी मैं पीछे भी मैं मानो फूलों का एक बिछावन हो और उसे देखते हुए मुस्कुराती सी मैं कुछ बिखरे हुए फूलों की सुंदरता और इनके बीच बिखरी सौंधी सी ख़ुशबू के भीतर की … Continue reading फूलों का एक बिछावन

क्या है मानसिक स्वास्थ्य और क्यों मुश्किल है मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा?

क्या है मानसिक स्वास्थ्य और क्यों जरुरी है कि हम मानसिक स्वास्थ्य के बारें में बात करें और अपना ख्याल रखें ? आपको पता है तनाव सबसे प्रमुख कारण है किसी भी व्यक्ति के जीवन को नीरस बनाने के लिए? काफी बार हमे महसूस भी नहीं होता कि हम तनाव में है और हम बस … Continue reading क्या है मानसिक स्वास्थ्य और क्यों मुश्किल है मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा?

क्या आपको छोटी छोटी बातों का टेंशन होता हैं?

क्या आपको भी छोटी छोटी बातें परेशान करती है ? क्या आपको स्ट्रेस होता है ? मुझे भी होता है , क्यूंकि यह स्वाभाविक है। फर्क यहाँ यह होता है कि हम उन बातों का किस हद तक अपने स्वास्थय और सेहत पर असर होने देते हैं । हम इतने लोगो से घिरे रहते है, … Continue reading क्या आपको छोटी छोटी बातों का टेंशन होता हैं?

दिए सा जलना तुम

इक दिया दहलीज़ पर रखा था मैंने कि तेज़ हवा का झोंका आया संग अपने इक पेगाम लाया पेगाम में इक तूफ़ान का अंदेशा था उस तूफ़ान के आगे मेरा दिया टिक ना पाया मैंने फिर अपनी दहलीज़ पर इक दिया लगाया मेरा आँगन फिर से ठीक उसी तरह जगमगाया पर ना जाने क्यूँ फिर … Continue reading दिए सा जलना तुम