दिए सा जलना तुम

इक दिया दहलीज़ पर रखा था मैंने कि तेज़ हवा का झोंका आया संग अपने इक पेगाम लाया पेगाम में इक तूफ़ान का अंदेशा था उस तूफ़ान के आगे मेरा दिया टिक ना पाया मैंने फिर अपनी दहलीज़ पर इक दिया लगाया मेरा आँगन फिर से ठीक उसी तरह जगमगाया पर ना जाने क्यूँ फिर … Continue reading दिए सा जलना तुम

जाने देने का सुख

जाने देने में भी एक सुख है जिसका एहसास बड़े लम्बे समय बाद होता है हाँ, किसी को जाने देना आसान तो नहीं होता पर एक वक़्त के बाद दोनो सिरे खींचते खींचते, कसने लग जाते है वो एक दूसरे की क्षमता पर रह जाता है कि कितना और खींचना है और, उस खिंचाव की … Continue reading जाने देने का सुख

कोरोना वायरस, अकेलापन और तनाव

कोरोना वायरस के साथ जूझते हुए हमे एक साल से ज़्यादा हो गया । ठहरी हुई ज़िन्दगी, रुके हुए काम , बंद हुए व्यापार और अनेको पारिवारिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करते हुए हमने कोरोना वायरस के साथ भी समझौता करके जीना सीख लिया था क्यूँकि बात खुद कि और परिवार की सुरक्षा की … Continue reading कोरोना वायरस, अकेलापन और तनाव