Advertisements
Virtual Siyahi

Unwounded

A classic damage it might turn trapped within time loop it gets churn and churn A time ago forever and a hope beyond any divine

Broken and Fixed

It’s empty now the place which belonged to you it’s hollow and shallow it created a deep void and vaccum which nothing could fill I

नीली सियाही

ज़िन्दगी मानों किसी मुफ़लिस की क़बा हो जैसे जिए जा रहे है किसी की मनकही बद्दुआ जैसे इस एक उम्र में न जाने कितनी ज़िंदगानी

लाल इश्क़!

अरबों की भीड़ में अकेलास्वपन बिन सजीला सतरंगी मेरा इश्क़ रूह से गुज़रता हुआलहू की तरह बिखरता हुआ निर्मोही मेरा इश्क़ मेरे महबूब के दीद

मैं लेख़क नहीं

मेरे शब्दों पे न जाओ के मैं कोई लेख़क नहीं मैं तो बस इक आवाज़ हूँ एक अनसुना सा आगाज़ हूँ मैं दबे हुए पन्नों

ए ज़िन्दगी

आज़मा ले ए ज़िन्दगी की अब भी साँसे बाकि है .. जो न देखा है मंज़र वो भी देखना बाकि है जो तप कर ही

लापता सी ज़िन्दगी

लापता सी इस ज़िन्दगी मेंअपनी शख़्सियत तलाश रहीं हु चंद पलो की खुशियाँ नहींउम्र भर का सुक़ू तराश रहीं हु वक़्त-बेवक़्त मुझसे मिलने आते है

आज़माइश

जब कदम साथ नहीं देते और ज़ेहन दम तोड़ने लगता है मन से हारने लग जाती हु और तन साथ छोड़ने लगता है उस वक़्त

संघर्ष मेरा साँझा

नित प्र्यासी मैं मौन और उपवासी मैं तन के भीतर ह्रदय के तार से अंतर मन के टूटे से एक द्वार से एक आवाज़ सी

नियत पर सवाल – कविता

नियत पर सवाल यह जो वक़्त मैंने कुछ कहने और सुनने में बिताया है यह वो अनमोल पल है जो मैंने किसी के साथ ना बिताया

वजूद – Existence

अपने अस्तित्व की तलाश में निकला था ये वजूद, रास्ते में लोग जुड़ते गए और कुछ छूटते गए .फिर भी चलता रहा ये वजूद अपनी ही एक तलाश में

मेरा साहस मेरा सारथि

मेरा साहस मेरा सारथि पथ पे चाहे कांटे हज़ार हों तेरे वजूद को झुटलाने चाहे कितने ही लोग तैयार हो जो चल पड़ा है तू

प्रकृति और जीवन

प्रकृति का अध्ययन, प्रकृति से प्रेम , प्रकृति के करीब रहना यह आपको कभी भी विफल नहीं करेगा. प्रकृति में गहराई से देखो, और फिर आप सब कुछ बेहतर समझ जायेंगें।

Humsafar

Shikva bhi tumse hai shikayat bhi tumse hai
dard bhi tum ho aur marham bhi tum ho…

प्रति – योगिनी

यह पल एक जीवन शाला है इसके तृण तृण में सार समाया है कुछ मिथ्या है तो कुछ सत्य कुछ मिलावट है तो कही थोड़ी

A War inside the Head

I see the road I always wanted to travel A place forbidden for me but I had to unravel Distance doesn’t scare me Hardwork doesn’t

Words & Me

I belong here this is between me and my words the ink and the paper I reside somewhere in between my pen and those bare

Missing pieces

one day one moment any second of your life could be that moment in which either you take pride or you are taken for a

Lemons or Lemonade

Life throws lemons make a lemonade, why?

Take them, crush them, and throw them back as you have had enough of this trade