My Mind

It's not a mirage of my mind neither I like being there… . It's the two facet life I live In this humungous sphere… . The darker side cries in pain suffers anxiety, depression, and emotional drain.. . The brighter side is addictive to bloom and denies the existence of gloom… . With a lot … Continue reading My Mind

नाराज़ है प्रकृति

सोचा की आज तुझे थोड़ा निहार लू दो पल तेरी खुशबू में खो जाऊ मन किया की आज कुछ देर तेरी छाँव में सो जाऊ तू कुछ नाराज़ सी मालूम होती है मुझे तू बहुत ही व्याकुल सी जान पड़ती है हा तेरी नाराज़गी भी जायज़ है तू मुफ्त में जो मिल जाती है अपने … Continue reading नाराज़ है प्रकृति

आख़िर यह मसला क्या है

हर बात बस यही रुक जाती हैये जद्दोजहद का मसला क्या है क़ुरान-ए-पाक और श्रीमदभगवत गीता में ये चर्चा कहा हैइस मिटटी में सोना पनपता था जो कभीजिस धरोहर की दुहाई ज़माना दिया फिरता है उस गुल-ए-हिंदुस्तान का आखिर ये सियासती मसला क्या है गंगा जमुनी से यह उर्दूगुरबानी की मिठास में रूह सजोती हुईजाप … Continue reading आख़िर यह मसला क्या है

नहीं अब बुरा नहीं लगता

अब बुरा नहीं लगता जब कोई मुझे किनारे कर देता है अब बुरा नहीं लगता जब मेरे अपने मुझे बेगाना कर देते है अब बुरा नहीं लगता जब आंकता है कोई मुझे जब कोई मुझे कामयाबी के तराज़ू में तोलता है अब बुरा नहीं लगता जब कोई साथ छोड़ देता है बिच रास्ते में चलते … Continue reading नहीं अब बुरा नहीं लगता