Virtual Siyahi

लापता सी ज़िन्दगी

लापता सी इस ज़िन्दगी में
अपनी शख़्सियत तलाश रहीं हु

चंद पलो की खुशियाँ नहीं
उम्र भर का सुक़ू तराश रहीं हु

वक़्त-बेवक़्त मुझसे मिलने आते है
ज़िन्दगी के फलसफे कुछ इस तरह
आज़माता हो किसी के हुनर कोई जिस तरह

हौसलें की कमी नहीं अफ़ज़ाई करने वालो की किल्लत है
किसी की बेहतरी देख उसकी रुसवाई करना ज़िल्लत है

लगी हुई है मानो एक दौड़ सी
किस तरफ जाना है कुछ पता ठिकाना नहीं
लापता से इस मंज़र में
मुझे समंदर की दो बुँदे पाना नहीं

भीड़ से परे अकेले चलते हुए
अपने ही रास्ते की धूल को माथे लगाती हु
लापता सी इस ज़िन्दगी का पता पूछ लेती हु
मैं दो लफ्ज़ लिख कर अपना निशा ढूंढ लेती हु

-प्रियंका©

7 thoughts on “लापता सी ज़िन्दगी

  1. लापता सी इस ज़िन्दगी का पता पूछ लेती हु
    मैं दो लफ्ज़ लिख कर अपना निशा ढूंढ लेती हु

    Khuubsurat. Soooo amazing. 😍😍😍😍😍😍🌺

Your comments make my day 💜

%d bloggers like this: