गुलाल

आ सखी तुझे रंग लाल लगा दूँ मैं तेरे चेहरे पर थोड़ा गुलाल लगा दूँ तुझे भी कभी भाते होंगे रंग होली के प्रेम से भरे, हँसी ठिठोली के आ तेरी इस सफ़ेद सारी से मैं थोड़ा मलाल मिटा दूँ मैं तेरे चेहरे पर थोड़ा गुलाल लगा दूँ तू सिमट जाती है ख़ुद में ही … Continue reading गुलाल