Virtual Siyahi

Tanhaiyaa/तन्हाईयाँ

होति क्या हैं यह तन्हाईयाँ

महज़ एक एहसास ही तो है

किसीका प्यार पाने की आस ही तो है

एक खालीपन एक अनसुना साज़ ही तो है

तेरा होके भी न होना

तेरी बातो में मेरा ज़िक्र न होना

तेरी यादो में मेरी फिक्र न होना

येसब रुस्वयीओं का आगाज़ ही तो है

जब कभी आईने में खुदको तराशते है तो सोचते है की आखिर हममे कमी क्या है रह गयी
यु टूटकर चाह कर भी आँख में नमी क्यों रह गयी,

वो तो अपनी ज़िन्दगी में बड़े मशरूफ है और हम है की हमे दो कदम उनके बिना चलना भी नहीं आता

 

Priyanka

#virtualsiyahi

1 thought on “Tanhaiyaa/तन्हाईयाँ”

I would love to hear from you 💜