Broken and Fixed

It’s empty now the place which belonged to you it’s hollow and shallow it created a deep void and vaccum which nothing could fill I

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लाल इश्क़!

अरबों की भीड़ में अकेलास्वपन बिन सजीला सतरंगी मेरा इश्क़ रूह से गुज़रता हुआलहू की तरह बिखरता हुआ निर्मोही मेरा इश्क़ मेरे महबूब के दीद

15 Ways To Fight Stress

With the advent of technology and advancement, came competition and then this instinct of survival of the fittest, which ultimately has given boost to a never-ending rat-race, resulting in stress.

मैं लेख़क नहीं

मेरे शब्दों पे न जाओ के मैं कोई लेख़क नहीं मैं तो बस इक आवाज़ हूँ एक अनसुना सा आगाज़ हूँ मैं दबे हुए पन्नों

बोल के लब आज़ाद हैं तेरे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की इंक़लाबी नज़्म ‘बोल के लब आज़ाद हैं तेरे’ से प्रेरित होकर मैंने कुछ लिखा हैं.. बोल के लब आज़ाद हैं तेरे,

ए ज़िन्दगी

आज़मा ले ए ज़िन्दगी की अब भी साँसे बाकि है .. जो न देखा है मंज़र वो भी देखना बाकि है जो तप कर ही